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सदा से ही व्रत, पर्व और त्यौहार हमारी हिन्दू संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहे हैं।भारतीय संस्कृति में व्रत, पर्व और त्यौहार तीनों का अपना विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व है। व्रत का अर्थ है आत्म-शुद्धि, संयम और ईश्वर-भक्ति का संकल्प (उपवास)।
उदाहरण: वार व्रत, एकादशी, नवरात्र, करवाचौथ, महाशिवरात्रि व्रत आदि।
इन व्रतों का अनुष्ठान करना आध्यात्मिक दृष्टि से उत्तम तो है ही साथ ही स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी है।
पर्व किसी पौराणिक घटना, विशेष तिथि या नक्षत्र से जुड़ा पवित्र धार्मिक अवसर होता है।
उदाहरण: श्रीराम नवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गंगा दशहरा आदि।
जबकि त्यौहार समाज और परिवार के साथ खुशियाँ, उल्लास और सांस्कृतिक परंपराएँ मनाने का उत्सव है।
उदाहरण: दीपावली, रक्षाबंधन, होली आदि।
किस हिंदू तिथि को कौन सा पर्व पड़ रहा है हमने यहां लिख दिया है। इस प्रकार, यह सूची केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि हम हिन्दुओं की आस्था, साधना और उमंग की एक पूर्ण मार्गदर्शिका है।
व्रत - पर्व और त्यौहार
प्रमुख हिंदू व्रतों-पर्वों-त्यौहारों की हिन्दू महीनों के अनुसार क्रमवार सूची यहाँ प्रस्तुत
है, जिन पर यहां आलेख अब तक प्रकाशित
हो चुके हैं उनके लिंक भी दिये हैं-1. चैत्र मास-
- वासंतीय नवरात्र
- चैत्र शुक्ल तृतीया व चैत्र शुक्ल द्वादशी मत्स्य जयंती।
- श्रीराम नवमी व्रत - चैत्र शुक्ल नवमी
- श्री हनुमत्स्तुति का महापर्व - हनुमान जयन्ती - चैत्र पूर्णिमा
- अक्षय तृतीया - वैशाख शुक्ल तृतीया
- श्री जानकीनवमी व्रत - वैशाख शुक्ल नवमी
- श्री नृसिंहचतुर्दशी व्रत - वैशाख शुक्ल चतुर्दशी
3. ज्येष्ठ मास-
- वट सावित्री व्रत: ज्येष्ठ अमावस्या
- निर्जला एकादशी: ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
- गंगा दशहरा - ज्येष्ठ शुक्ल दशमी - व्रत किया जाता है व इस दिन गंगा आदि नदियों में स्नान करें।
4. आषाढ़ मास-
- गुप्त नवरात्रि - आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी।
- चातुर्मास्य व्रत - हरिशयनी एकादशी को इसका संकल्प लेते हैं। इसके अंतर्गत श्रावण में सब्जी, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में दाल का त्याग करते हैं।
- हरिशयनी एकादशी - आषाढ़ शुक्ल एकादशी(चातुर्मास का शुभारंभ)
5. श्रावण मास-
- नाग पंचमी व्रत - श्रावण शुक्ल पंचमी
- श्रावण पूर्णिमा - रक्षा बंधन का त्यौहार
6. भाद्रपद मास-
कजरी तीज: भाद्रपद कृष्ण तृतीया
- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं दशाफल व्रत
हरितालिका तीज: भाद्रपद शुक्ल तृतीया
- वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत, पत्थर चौथ - भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी - इस दिन चंद्र दर्शन निषेध है। गणेश जी की जयंती तिथि है यह।
- श्री राधाष्टमी व्रत - भाद्रपद शुक्ल अष्टमी।
- अनंत चतुर्दशी: भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
7. आश्विन मास-
- पितृ पक्ष / श्राद्ध पक्ष: भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक (16 दिन)
- शारदीय नवरात्र में करें शक्ति आराधना - आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी।
- विजयदशमी (दशहरा): आश्विन शुक्ल दशमी
- शरत्पूर्णिमा पर कोजागर व्रत - आश्विन शुक्ल पूर्णिमा
8. कार्तिक मास-
- स्त्री के अखण्ड सुहाग का प्रतिमान - 'करवाचौथ' - कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
- अहोई अष्टमी: कार्तिक कृष्ण अष्टमी
- रमा एकादशी - कार्तिक कृष्ण एकादशी
- गोवत्स द्वादशी व्रत - कार्तिक कृष्ण द्वादशी
- धनतेरस, श्री धन्वन्तरि जयन्ती एवं गोत्रिरात्र व्रत - कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
- नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली): कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
- श्री हनुमत्स्तुति का महापर्व - हनुमान जयन्ती - कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
- दीपावली - त्यौहार - कार्तिक अमावस्या
- गोवर्धन पूजा / अन्नकूट: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
- भैया दूज (यम द्वितीया): कार्तिक शुक्ल द्वितीया
- छठ पूजा: कार्तिक शुक्ल षष्ठी
- देवोत्थापनी एकादशी - सुप्तावस्था से जगने का पर्व - कार्तिक शुक्ल एकादशी
- देव दीपावली पर्व: कार्तिक पूर्णिमा
भैरव जयंती - भैरवाष्टमी व्रत की विधि - मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी।
10. पौष -
- मकर संक्रांति: पौष मास में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर (सामान्यतः 14/15 जनवरी)
- पुत्रदा एकादशी: पौष शुक्ल एकादशी
11. माघ -
- बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा): माघ शुक्ल पंचमी
- षट्तिला एकादशी: माघ कृष्ण एकादशी
- माघी पूर्णिमा: माघ पूर्णिमा
12. फाल्गुन मास-
- महाशिवरात्रि व्रत की महिमा - फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
- आमलकी एकादशी - फाल्गुन शुक्ल एकादशी
- होलिका दहन: फाल्गुन पूर्णिमा
- होली (धुलंडी): चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन)
अब प्रमुख व्रतों की सूची प्रस्तुत है-
नवरात्र व्रत
- गुप्त नवरात्रि - गुप्त नवरात्रि व्रतों का महत्व, - आषाढ़ व माघ की नवरात्रियाँ।
- चैत्र या वासंतीय नवरात्र,
- आश्विन या शारदीय नवरात्र।
श्री जगदम्बा आद्याशक्ति के प्रीत्यर्थ ये नौ दिन के व्रत रखे जाते हैं यह हम सब जानते हैं। श्रृंगार व नैवेद्य में प्रतिदिन क्या चढ़ाना है हर दिन किन १०८ नाम से पूजा करनी है निम्न आलेखों से जानें-
एकादशी व्रत
हम पर असीम भगवत्कृपा
ही है कि हमारे हिंदू धर्मग्रन्थों में एकादशी व्रत का उत्तम माहात्म्य
बतलाया गया है। एकादशी व्रत के सामान्य नियम जानने के लिए कृपया सर्वप्रथम
परमपुण्यप्रद एकादशी व्रत का पवित्र विधान पढ़ें। इस ब्लॉग में जो एकादशी से संबन्धित
आलेख प्रस्तुत हुए हैं उनके लिंक इस प्रकार हैं-
- नवरात्र की प्रतिपदा - माँ शैलपुत्री का व्रत
- नवरात्र द्वितीया- ब्रह्मचारिणी जी का व्रत
- नवरात्रि तृतीया- चन्द्रघण्टा देवी का व्रत
- नवरात्र चतुर्थी - कूष्माण्डा जी का व्रत
- नवरात्र पंचमी - स्कन्दमाता जी का व्रत
- नवरात्र षष्ठी - कात्यायनी देवी जी का व्रत
- नवरात्र सप्तमी - कालरात्रि माता का व्रत
- महाष्टमी या नवरात्रि की अष्टमी तिथि - महागौरी जी का व्रत
- महानवमी या नवरात्र की नवमी तिथि - सिद्धिदात्री जी का व्रत
एकादशी व्रत
- हरिशयनी एकादशी- चातुर्मास का शुभारंभ - आषाढ़ एकादशी
- रमा एकादशी का माहात्म्य - कार्तिक कृष्ण एकादशी
- देवोत्थापनी एकादशी - सुप्तावस्था से जगने का पर्व - कार्तिक शुक्ल एकादशी
- प्रबोधिनी एकादशी पर करें तुलसी विवाह - कार्तिक शुक्ल ११, द्वादशी से पूर्णिमा तक भी होता है तुलसी विवाह
- आमलकी एकादशी - फाल्गुन शुक्ल एकादशी।
- एकादशी के उद्यापन की विस्तृत विधि
(यह पृष्ठ आगे भी संपादित किया जाता रहेगा) संभव है व्रत-पर्व-त्यौहार संबंधी किसी पोस्ट का लिंक यहां लिखना रह गया हो इसलिये व्रत पर्वों व त्यौहारों से संबंधित समस्त लेख => "व्रत-पर्व-त्यौहार" लिंक पर भी देख सकते हैं।

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