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ध
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र्म की रक्षा के लिये तथा अधर्म के विनाश के लिये भगवान विभिन्न स्वरूप धारण करते हैं और उन स्वरूपों के प्राकट्य की तिथियां जयन्ती तिथियां कहलाती हैं।
मान्यता है इन जयंती तिथियों में संबंधित देवी - देवता का पूजन, ध्यान, जप, स्तोत्र पाठ (स्तवन) आदि करने से भगवान के उस रूप की कृपा-दृष्टि अवश्य ही प्राप्ति होती है। इस ब्लॉग के माध्यम से जयंती तिथियों पर जो आलेख प्रकाशित हुए हैं उनकी सूची यहां प्रस्तुत है-
मान्यता है इन जयंती तिथियों में संबंधित देवी - देवता का पूजन, ध्यान, जप, स्तोत्र पाठ (स्तवन) आदि करने से भगवान के उस रूप की कृपा-दृष्टि अवश्य ही प्राप्ति होती है। इस ब्लॉग के माध्यम से जयंती तिथियों पर जो आलेख प्रकाशित हुए हैं उनकी सूची यहां प्रस्तुत है-
चैत्र
वैशाख
शुक्ल - तृतीया- श्री परशुराम अवतार जयन्ती , श्री मातंगी महाविद्या जयन्ती , चतुर्दशी - श्री नृसिंह अवतार जयन्ती, श्री नृसिंहचतुर्दशी व्रत, श्री छिन्नमस्ता महाविद्या जयन्ती
ज्येष्ठ
आषाढ़
आषाढ़ शुक्ल सप्तमी - ताप्ती (नदी) जयन्ती
श्रावण
शुक्ल षष्ठी - श्री कल्कि अवतार जयंती , पूर्णिमा - लव कुश जयंती
भाद्रपद
- श्रीकृष्ण जयंती, श्री श्याम जन्मोत्सव-पूजन-जागरण, श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत ,
- श्री भुवनेश्वरी महाविद्या जयन्ती ,
- शुक्ल - चतुर्थी - श्री गणेश जयन्ती
- विष्णुजी के अवतार भगवान वाराह की जयन्ती,
- भगवती राधा का जयंती महोत्सव, श्रीराधा जन्माष्टमी, श्री राधाष्टमी ,
- श्री वामनावतार द्वादशी, भगवान वामन की जयंती
आश्विन
कार्तिक
कृष्ण - चतुर्दशी - श्री हनुमान जयन्ती , अमावास्या - कमला महाविद्या जयंती
मार्गशीर्ष
शुक्ल तृतीया - श्री कल्कि अवतार जयंती
सायाह्न में (मतान्तर से) , एकादशी - श्रीमद्भगवद्गीता जयंती,
पूर्णिमा - श्री त्रिपुरभैरवी महाविद्या जयंती ,
श्रीविद्या जयंती ,
श्री दत्तात्रेय जयंती।
सायाह्न में (मतान्तर से) , एकादशी - श्रीमद्भगवद्गीता जयंती,
पूर्णिमा - श्री त्रिपुरभैरवी महाविद्या जयंती ,
श्रीविद्या जयंती ,
श्री दत्तात्रेय जयंती।
पौष
पौष पूर्णिमा - शाकम्भरी जयन्ती
माघ
मतांतर से माघ शुक्ल चतुर्थी को भी श्री गणपति जयन्ती कही गयी है
नर्मदा जयंती
माघ पूर्णिमा - श्री ललिता षोडशी महात्रिपुरसुन्दरी जयन्ती
फाल्गुन
फा. कृष्ण सप्तमी - शबरी जयंती
फा. कृष्ण अष्टमी - श्री जानकी जयंती
फा. कृष्ण चतुर्दशी - श्री वैद्यनाथ महादेव जयंती - महाशिवरात्रि
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