- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
भ गवान श्रीगणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न के समय हुआ था। अत: यह श्री गणेश चतुर्थी तिथि मध्याह्नव्यापिनी लेनी चाहिये। इस दिन रविवार अथवा मंगलवार हो तो प्रशस्त है। गणेशजी हिन्दूधर्म के प्रथम पूज्य देवता हैं। सनातन धर्मानुयायी स्मार्तों के देवताओं में विघ्नविनायक गणेशजी प्रमुख हैं। हिन्दुओं के घर में चाहे जैसी पूजा या धार्मिक आयोजन हो , सर्वप्रथम श्रीगणेशजी का आवाहन और पूजन किया जाता है। शुभ कार्यों मेँ गणेश जी की स्तुति का अत्यन्त महत्त्व माना गया है । गणेश जी समस्त विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं। इनका मुख हाथी का , उदर लम्बा तथा शेष शरीर मनुष्य के समान है। मोदक इन्हें विशेष प्रिय है। बंगाल की दुर्गापूजा की तरह ही महाराष्ट्र में गणेश जी की पूजा एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में प्रतिष्ठित है।