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व सन्त ऋतु के आगमन के पश्चात एक के बा द एक व्रतोत्सव-पर्व- त्यौहारों के आने का क्रम प्रारम्भ होने लगता है । वसन्त ऋतु में सभी के हृदय में रस का संचा र होता है , सभी उमंग से भरे रहते हैं इसी कारण देव-देवी की पूजा इत्यादि में वे प्रसन्न रहते हैं। साथ ही बुरे कर्मों को करने की प्रवृत्ति से नर और नारी को बचाने के लिए भी इन उत्सवों का प्रयोजन है। वै शाख का पूरा महीना कुमारी क न्याओं के लिए व्रत करने का समय है। कन्याएँ ठीक पथ पर र हें , इसलिए वैशाख के महीने में उनकी माँ , दादी इत्यादि व्रत करवाती हैं। किसी मत से फा ल्गु न और चै त्र मास में वसन्त-ऋतु मानी जाती है और किसी के मत से चै त्र और वैशाख मास में। वै शाख का दूसरा नाम ' माधव ' है और चैत्र मास का ‘ मधु ’ नाम है। हिंदू धर्म के प्रति आस्थावान श्रद्धालुगण वसन्त ऋतु में मधु मा...